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Sunil Kumar Purohit

Drama

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Sunil Kumar Purohit

Drama

दल बल दलदल

दल बल दलदल

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अरे ! मेरे प्यारे देश के नेताओं

दिलों की जुबां समझा करो।

दिलों की जागीर पर

राज करने भेजा है।


किसी दिल ने

'हाथ' थामा है तो

किसी दिल ने हाथ में

'कमल' थमाया है।


यह दल हो या वो दल,

क्या फर्क पड़ता है

दल बल साथ रहे,

दलदल में क्यों धँसे जा रहे हो।।


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