STORYMIRROR

shivani j

Tragedy

3  

shivani j

Tragedy

दिल

दिल

1 min
608

हाथों में हाथ थामे चलता है,

पर साथ कभी देता नही।


रोज देखे वो चाँद को,

हसीन उसे कभी लगा नही।


बारिश शोर लगती है उसे,

आँखों से बरसे वो पानी।


जिसे कभी खामोशी समझ न आई,

मैं भी दिल उसी से हारी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy