STORYMIRROR

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

3  

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

दिल में मुझे बसा लेना

दिल में मुझे बसा लेना

1 min
227

तुमको देखकर मैं बावरा बना हूँ,

अब न मुझे तुम तड़पाना।

तुम्हारी सुंदरता से दीवाना बना हूँ,

दिल में मुझे बसा लेना।....

इश्क की राह पर चल रहा हूँ मैं, 

मुझे तुम न अब तरसाना।

नज़र से नज़र मिलाकर मुझ से,

दिल में मुझे बसा लेना।...

तुम्हारी तिरछी नज़र से मैं,

घायल बनकर ज़ख्मी हुआ हूँ । 

ज़ख्मों का इलाज कर के मेरा,

दिल में मुझे बसा लेना।...

तुम हो मेरे दिल की धड़कन,

प्यार से ताल मिला लेना।

इश्क की बसंत महका कर "मुरली",

दिल में मुझे बसा लेना।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama