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दिल की तरंग

दिल की तरंग

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तुम्हारे साथ ही तो ज़िंदगी,

गुज़ारना हम चाहते हैं,

बस तुम ही से है बंदगी,

सबको अब यही बताते हैं।


किसी शक के सहारे,

जिंदगी नहीं गुजरती,

किसी और की वजह से,

मोहब्बत नहीं बिखरती।


तुम साथ हो तो,

जशन की हर रात है,

थाम लो हाथ जो तुम,

तू पूरी हर बात है।


जैसा भी वक्त हो मेरा,

साथ तो तुम ही देना होगा,

मुश्किल में अगर रहूँ मैं,

हाँ तो तुम्हें ही देना होगा।


जो हर किसी को चाहिए,

हाँ तुम ही वो उमंग हो,

और जो सबके दिलों में छाए,

तुम प्रीत वाला वही रंग हो,


मेरे दिल की तरंग हो तुम....।।


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