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Divine Poet

Drama Romance Tragedy

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Divine Poet

Drama Romance Tragedy

देर हो ना जाए

देर हो ना जाए

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दूरियों के दरम्यां,

कोई बैर हो ना जाए पास आओ के अभी के, कहीं देर हो ना जाए 

ये इंतजार ही एक वजह थी जीने की फलक 

बेवजह कहीं इसे भी, गुरेज हो ना जाए 

याद है तुम्हें क्या, उन लम्हों की कोशिशें 

करती थी जो हमारे, मिलने की साज़िशें 

उन लम्हों के ख़लिश को कहीं, परहेज़ हो ना जाए 

पास आओ अभी के, कहीं देर हो ना जाए 

धड़कनें गुनगुनाती है, बीते पलों की कहानी 

सुन लो वक्त रहते के, कहीं ग़ैर हो ना जाए 

दूरियों के दरम्यां, कोई बैर हो ना जाए 

पास आओ अभी के, कहीं देर हो ना जाए 



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