STORYMIRROR

shivendra 'आकाश'

Romance Others

3  

shivendra 'आकाश'

Romance Others

"चल कहीं दूर चलें"

"चल कहीं दूर चलें"

1 min
318

निशानी हम भी कुछ छोड़ चलें, चल कहीं दूर चलें,

नदियों का बहता पानी मोड़ चले, चल कहीं दूर चले,

बनी है सबकी अपनी अपनी सीमाएं, धारणाएँ बनीं,

लहरों की सीमाओं को तोड़ चले, चल कहीं दूर चलें।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance