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shivendra 'आकाश'

Romance

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shivendra 'आकाश'

Romance

इबादत

इबादत

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इबादत की मूरत दिल मे उतर आई,

मुहब्बत हमारी आँखों मे नजर आई,

छाई कितनी बेताबी पाने की जमाने मे,

चांदनी चाँद से मिलने रात बनकर आई।।

      



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