STORYMIRROR

Kishan Negi

Romance

4  

Kishan Negi

Romance

आया है तेरा पागल दीवाना(लाल रंग)

आया है तेरा पागल दीवाना(लाल रंग)

1 min
41


फूल सी नाजुक कली हो तुम 

हर दिल की प्रेम गली हो तुम 

हिमालय की वादियां पूछती हैं

ठुमक ठुमक कहां चली हो तुम

तुम इश्क की शमा मैं मोहब्बत का परवाना 

तुम्हारे प्यार में थोड़ा पागल थोड़ा हूं दीवाना


बादलों से बूंद बूंद टपकता पानी

धरा सजी है ओढ़ कर चूनर धानी 

बलखाती नागिन सी तुम चलती हो 

अंगड़ाई लेती जैसे पहाड़ों की रानी 

तुम्हारी आहट से सजने लगा यहां हर मैखाना 

शहर में आज फिर आबाद हुआ कोई दीवाना


इश्क की नशीली शाम ढल रही है 

मतवाली पौन धीरे-धीरे चल रही है

हर इंतजाम किए हैं आज साकी ने 

बस इक तुम्हारी कमी खल रही है 

तुम्हारे शहर में आज फिर हुआ है कोई बेगाना 

पर्दा हटा कर देखो आया कोई पागल दीवाना


तुम्हारे यौवन पर मौसम बहक रहा है

इश्क की डाल पर हुस्न चहक रहा है

इस चंदन बदन की खुशबू में नहाकर

मतवाला बसंत भी आज महक रहा है 

वहां मौसम का क्या हाल है हमको भी बताना

बचपन के प्यार को भुला नहीं तुम्हारा दीवाना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance