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Kaushik Dave

Tragedy Children

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Kaushik Dave

Tragedy Children

" छोटी सोच "

" छोटी सोच "

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कैसे कैसे लोग इस दुनिया में बसते हैं ।

बड़े बुजुर्गो को डस्टबीन समझते हैं।।


अपने संस्कारों को भुलाकर जीते है।

नयी पीढ़ी के बच्चे बड़ों से सीखते है।।



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