Kaushik Dave
Fantasy Others
तेरी तस्वीर तेरी एक तस्वीर बनाना चाहता हूंचाहत की उम्मीद के साथ देख रहा हूं। देख रही है तुम मुझे, कुछ कहना चाहती हो?तेरी तस्वीर में मेरी कहानी लिख रहा हूं। - Kaushik Dave
ख़ामोश धड़कन
तेरी तस्वीर
"आधा सच"
पुरानी यादें
यादों का पिंज...
आज की मॉं
कैसे कैसे लोग
सर्दियों में ...
अफवाह
काल्पनिक युद्...
कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए। कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए।
तुम प्रेम का गीत, हृदय का नांद हो मैंने संगीत को मौसम में घुलते देखा है तुम प्रेम का गीत, हृदय का नांद हो मैंने संगीत को मौसम में घुलते देखा है
फिर हवाओं में कहीं गुम हो जाती वो फिर हवाओं में कहीं गुम हो जाती वो
दिल तो ले ही लिया तुमने घायल कर अपनी इन अदाओं से जान भी ये अब तुम्हारी है चाहे पूछ लो दिल तो ले ही लिया तुमने घायल कर अपनी इन अदाओं से जान भी ये अब तुम्हारी है चाह...
सबके अंदर अपनापन झलकता है, एक बार अपना बना कर देखो ना। सबके अंदर अपनापन झलकता है, एक बार अपना बना कर देखो ना।
प्रतीक्षा सदा अच्छा नहीं होता है जान लें सभी। प्रतीक्षा सदा अच्छा नहीं होता है जान लें सभी।
आओ दोनों यह सुख-दुःख का जाम पी लेते हैं जो बची है ज़िन्दगी चलो एक साथ जी लेते हैं ! आओ दोनों यह सुख-दुःख का जाम पी लेते हैं जो बची है ज़िन्दगी चलो एक साथ जी लेते है...
तोरे बापू कुछ ना कहते, तेरे आहट को तकते रहते माँ भी तेरी चल ना सकती, पर तुलसी की फेरे तोरे बापू कुछ ना कहते, तेरे आहट को तकते रहते माँ भी तेरी चल ना सकती, पर तुलसी...
मैं इंतजार कर रहा हूं उस दिन का जब अदालतों से तारीख नहीं न्याय मिलेगा मैं इंतजार कर रहा हूं उस दिन का जब अदालतों से तारीख नहीं न्याय मिलेगा
सब सहानुभूति जता रहे हैं अंतिम क्रियाओं के बारे में बतिया रहे है, सब सहानुभूति जता रहे हैं अंतिम क्रियाओं के बारे में बतिया रहे है,
मेरा सपना ही तो बस मेरा अपना था। मेरी ही तरह वो इस बार भी टूट गया। मेरा सपना ही तो बस मेरा अपना था। मेरी ही तरह वो इस बार भी टूट गया।
या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा? या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा?
इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता। इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता।
कोरे कागज़ पर रंग बिरंगी स्याही से, दिल के अरमानों को उकेरा था! कोरे कागज़ पर रंग बिरंगी स्याही से, दिल के अरमानों को उकेरा था!
किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखटाने को। किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखट...
ये रवि की किरणें तुमसे जलकर टेढ़ी टेढ़ी चलने लगी हैं ये रवि की किरणें तुमसे जलकर टेढ़ी टेढ़ी चलने लगी हैं
उन यादों को मन कभी ना भूल पाएगा ताउम्र यादों को जेहन में लेकर चलता जाएगा। उन यादों को मन कभी ना भूल पाएगा ताउम्र यादों को जेहन में लेकर चलता जाएगा।
यह एक चिराग था यह कोई मामूली चिराग नहीं था । यह एक चिराग था यह कोई मामूली चिराग नहीं था ।
उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा। उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा।
एक क्षण भर के प्यार के सपने से मुक्त होकर खोज चुकी थी। एक क्षण भर के प्यार के सपने से मुक्त होकर खोज चुकी थी।