STORYMIRROR

Sonam Kewat

Romance Classics Fantasy

4  

Sonam Kewat

Romance Classics Fantasy

चायवाला इश्क

चायवाला इश्क

1 min
298

एक साल हो गए इस नए घर में आए हुए

बड़ा खूबसूरत यहां का नजारा है 

यूं बालकनी में अक्सर बैठ जाती हूं 

ये दिल तो चाय का आवारा है


उड़ते हुए पंछियों को देखना और 

पास फाटक से ट्रेन के आवाज आती है

आंख बंद करो तो लगता हैं कि 

कानों में हवाएं कुछ कहती हैं 


यूं गाना गुनगुना रही थी तो देखा कि 

सामने की खिड़की में नया नजारा है 

एक नौजवान का चेहरा दिखा और 

लगा वो भी कोई दिल आवारा है 


बड़ा मस्त मौला सा होकर 

किसी गाने पर झूम रहा था 

आंख बंद करके बाहों में किसी 

अदृश्य सी प्रेमिका को चूम रहा था


फिर आंखेंचार हुई उसकी मुझसे 

और उसकी खिड़की बंद हो गई 

याद रखने लायक बात तो थीं नहीं 

ये बात तो आपबीती सी हो गई 


कई दिनों बाद जब फुर्सत मिली तो

मैं यहां वहां नजरें फेर रहीं थीं 

एहसास हुआ कि उसकी नजर 

सिर्फ बेचैनी से मुझे ही देख रही थी 


इशारों इशारों बताया उसने कि 

उसे इतने दिनों से इंतजार मेरा था 

मैं तो नहीं आया करतीं थीं यहां पर 

उसका एक खिड़की पर डेरा था 


अब रोज आंखें चार होती है हमारी 

दोनों अपनी अपनी चाय का मजा लेते हैं

आज उसने पूछ लिया कि चलो कहीं

 बाहर चल कर एक ही कप में चाय पीते हैं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance