STORYMIRROR

नम्रता सिंह नमी

Romance

2  

नम्रता सिंह नमी

Romance

चाँद

चाँद

1 min
197

झुरमूट से झांके चाँद

मन अंगड़ाइयाँ लेता है

सोये अरमान कहीं फिर से

जागते हैं


यही चाँद हम दोनों तकते हैं

मीलों की दूरी पल भर में

तय करते हैं


चाँद सा हसीं मेरा यार है

उसकी बातों में तेरी चांदनी है

तेरी पूर्णता उसे तय करती है

अब जब वो तुझे देखे तो

कहना मेरा संदेसा


वो बहुत याद आते हैं ...

बहुत याद आते हैं



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from नम्रता सिंह नमी

Similar hindi poem from Romance