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Anu Yadav

Romance Fantasy

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Anu Yadav

Romance Fantasy

चाह हमारी

चाह हमारी

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हम तो वो सूरज कि रोशनी बनना चाहे,

जो तुम्हारे कमरे कि खिड़की से होकर

तुम्हारे सोते हुए चेहरे पर पड़े।

हम तो वो बारिश की बूंदें बनना चाहे ,

जो तुम्हारे कोमल जिस्म से होकर 

धरती में समा जाए।

हम तो वो बिस्तर बनना चाहे ,

जिस पर तुमने अपने कीमती आंसू बहाए।

हमारी चाह है वो समुद्र बनना 

जिसकी लहरों की आवाजें तुम्हें सुकून दे।

हम वो शरद का मौसम बनना चाहे ,

जो तुम्हारी पसंद है ।

तमन्ना है हमारी की,

हम तुम्हारे हंसते हुए चेहरे

का मात्र सिर्फ एक कारण बन जाए ।

हमें तो तड़प है की हम एक कण बन कर ,

तुम्हारे अस्तित्व मैं समा जाए ।

हमें तो बस यही चाह है की ,

हम अपनी चाह पूरी कर पाए ।



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