STORYMIRROR

Amit Srivastava

Romance Others

2  

Amit Srivastava

Romance Others

बूंदें....

बूंदें....

1 min
186


बूंदें ,

अक्सर  अनसुनी  कर देती हैं , बादलों की फरियाद 

मौन फिर भी बता देती हैं ,अंतर्मन  की हर  एक बात , 

नासमझ सी , बिखर जाती हैं ,हर रिश्ते  के साथ 

बूंदें , 

मेरे साथ रहती हैं , हर रोज , तुम्हारे जाने के बाद 

ज़िन्हे तुम छोड़ गए थे ,मेरे लिए, मेरे  पास 

बूंदें ...कुछ गीली सी...


#अमित


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance