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Aditya Srivastav

Drama Tragedy

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Aditya Srivastav

Drama Tragedy

बस रोता नहीं हूँ! part 1

बस रोता नहीं हूँ! part 1

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हम लाख सम्भाले तो भी क्या, 

हर बात का मुजरिम होता मैं हूँ।

बन्द आंखों से भी सोता नहीं हूँ , 

दर्द बहुत बस रोता नहीं हूँ।।


जज़्बात ये मेरे अपने हैं 

अल्फाज ये मेरे अपने हैं 

वो लोग भी मेरे अपने हैं 

जिनके जख्मों को धोता मैं हूँ....


हम लाख सम्भाले तो भी क्या, 

हर बात का मुज़रिम होता मैं हूँ।

बन्द आंखों से भी सोता नहीं हूँ , 

दर्द बहुत बस रोता नहीं हूँ।।


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