STORYMIRROR

Kanchan Prabha

Romance

3  

Kanchan Prabha

Romance

बिन फेरे हम तेरे

बिन फेरे हम तेरे

1 min
239

कोई बँधन जिसे ना रोक सके

कोई दुनिया जिसे ना टोक सके

मेरा तेरा रिस्ता ये जन्मों का

दिल मे रहेंगे जो मेरे

बिन फेरे हम तेरे


आंधियाँ चली बड़ी तेज है

काँटों से भरी ये सेज है

फिर भी चली मैं खुश हो कर

दीप बुझे ना मन का मेरे

बिन फेरे हम


धरती हो ना आकाश हो

या जन्म जन्म की प्यास हो

बिछड़ना अब है मुश्किल

आस टूटे ना कभी अब मन का मेरे

बिन फेरे हम तेरे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance