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Lokanath Rath

Romance Tragedy Classics

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Lokanath Rath

Romance Tragedy Classics

भूलना आसान नहीं

भूलना आसान नहीं

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वक़्त और जिंदगी की इस भागम भाग में

कई बार उसे भूलने की कोशिस करता हूं,

इधर उधर की बातें करके उसे भागता भागता

उसे भूलने की नाकाम कोशिस करता रहता हूं।


जानता हूं पहेला प्यार को भूलना आसान नहीं

कियूं की वो तो मन मे छुपा है,

जो छाप उसने छोड़ गए यादों के साथ

मिटाने की हर कोशिस नाकाम, मिटता नहीं है।


कभी कुछ सवाल तो नहीं करता है वो

पर हर बार ताकता ही वो रहता है,

कुछ आँशु लेकर चुप चाप सायद कहता है

पहेला प्यार हूं,मुझे भूलना आसान नहीं है।


उसमे दीखता है वो मुस्कान वो प्यारी बातें

वो झुकी हुई नशीले आँखे देखो कहता है,

पहला प्यार में मुझ में डूब गए थे

वो भूलना आसान नहीं, अतीत मरता नहीं है।


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