भाई बहन का प्यार
भाई बहन का प्यार
एक दूसरे के वास्ते रहते हैं जो मन से हर दम तैयार।
ऐसा गहरा और पक्का होता है भाई बहन का प्यार।
छोटी बहनें अपने भैया पर अपना सब कुछ दें वार।
बड़े भैया भी अपनी बहनों के उठाते हैं नख़रे हज़ार।
बड़ी दीदी अपने छोटे भाई को दें मां जैसा लाड़ प्यार।
छोटे भाई भी अपनी बड़ी दीदी को प्यार करें बेशुमार।
बहन तो अपने भाइयों की गलतियाँ छुपाती हर बार।
भाई तो अपनी बहनों के लिए सामान लाता सौ बार।
बहन अपने भाईयों से जल्दी हो जाती बहुत समझदार।
घर भी संभाले और भाई की पढ़ाई में भी रहे मददग़ार।
लूडो, सांप सीढ़ी के खेल खेलते, हो जाये बचपन पार।
बड़े होने पर मिलने को रहें सदा एक दूजे के तलबग़ार।
शादी के बाद बहनें तो चली जाती हैं सात समंदर पार।
भाई अगर सैनिक हो तो वह चला जाता है सीमा पार।
मिल न पाते जब आयें रक्षाबंधन भाईदूज के त्योहार।
फ़ोन और चिठ्ठी से ही मनाये जाते, समय की है मार।
त्योहार पर बचपन के गहरेे रिश्ते रुलायें आँसू की धार।
जब मिल ना पाये भाई को अपनी बहन का लाड़ प्यार।
