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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

बेताब

बेताब

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मैंने प्यार से तुझ को देखा, तू अनदेखा मुझ को कर गई,

मैंने तुझ से जब नज़र मिलाई, तू नजर झुका कर रूक गई।

मैंने प्यार से तुझ को पुकारा, तू नैनों से बिजली चला गई,

मैंने जब तेरी सूरत को देखा, तू बेताब मुझ को बना गई।

मैंने जब तेरे अधरों को छूआ, तू भँवरा मुझ को बना गई,

निखरता यौवन जब तेरा देखा, तू मुझ को मदहोश बना गई।

मतवाली अदायें जब तेरी देखी, तू मुझ को घायल बना गई,

मैंने तेरी मधुर मुस्कान देखी तो, प्यार की शहनाई बज गई।

मैंने तुझ को जब दिल से लगाया, तू सांसो की सरगम बहा गई,

"मुरली" ने तेरा प्रेम गीत गाया, तू प्रेम गीत सुनकर खो गई।



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