STORYMIRROR

ram gagare

Romance Fantasy

4  

ram gagare

Romance Fantasy

बारिश की बुंदे..

बारिश की बुंदे..

1 min
245

तुम जो आओ तो

वो मौसम ले आना

हलकी सी वो बारिश

की बुंदे साथ ले आना..


हम सोये नहीं थे कबसे

सिर्फ करवटें बदलते थे

आँखों में आपके लिये

सपने सजा के रखे थे..


तुम आ रहे हो तो, वो 

मेरी नींद साथ ले आना

हलकी सी वो बारिश

की बुंदे साथ ले आना..


तुमने छोड़ा था साथ मेरा

मैंने किसी का हाथ थामा नहीं

तुम्हें छोड़ कर कभी किसी

को अपना मैंने माना नहीं..


सिर्फ साँसे चल रही है मेरी

आते वक्त मेरी रुह ले के आना

हलकी सी वो बारिश की बुंदे

तुम अपने साथ ले आना..


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance