Chandramohan Kisku
Tragedy
एक शव
उस जवान का
जो तैनात था
देश की सीमा पर।
सब कोई देखा
उसके चरण में
आँसू बहाया
और बहुत ईज्जत के साथ
विदा किया।
पर उन्हें दिखाई नहीं दिया
देखकर भी मुँह फेर लिया
उस विधवा की ओर,
जो सफेद कपड़ा में थी
और उसकी आँखों में
आँसू थे।
समर्पण :कविता...
उसका भविष्य
मेरा भी प्रश्...
मलाला
तुम और मैं
लिखूंगी
प्यार का घर
आँसू की बूँद ...
चिड़ियाँ को मा...
आगे ही चलते र...
इंसान वस्तु नहीं एक जीवित प्राणी है। बिल्कुल आपकी तरह।। इंसान वस्तु नहीं एक जीवित प्राणी है। बिल्कुल आपकी तरह।।
बाबुल मैं पराई क्यों हूं तेरी परी हूं , तेरे आंगन में पली हूं। बाबुल मैं पराई क्यों हूं तेरी परी हूं , तेरे आंगन में पली हूं।
तार, चिट्ठी, कैमरा, घड़ियां, कलेंडर, खा गया। तार, चिट्ठी, कैमरा, घड़ियां, कलेंडर, खा गया।
भूकंप, भूस्खलन आदि को आमंत्रण दे रहा है, विज्ञान की ओट में सामान्य ज्ञान भूल गया है। भूकंप, भूस्खलन आदि को आमंत्रण दे रहा है, विज्ञान की ओट में सामान्य ज्ञान भूल ...
भरोसा विश्वास और कानून सही नहीं, भरोसा विश्वास और कानून सही नहीं,
खूबसूरत बहुत है तू लेकिन ,सीरत की कच्ची रह गई। खूबसूरत बहुत है तू लेकिन ,सीरत की कच्ची रह गई।
वन्य प्राणियों से भी छीन लिया उनका घर वन्य प्राणियों से भी छीन लिया उनका घर
इश्क हुआ वह भी जुनूनी इश्क ना खाने की फिक्र ना पीने की. इश्क हुआ वह भी जुनूनी इश्क ना खाने की फिक्र ना पीने की.
जिसमें निहित प्रावधानों से उन्हें मिला पद और विशेष संस्थान जिसमें निहित प्रावधानों से उन्हें मिला पद और विशेष संस्थान
मतलब की इस दुनिया में पकड़ते ही हैं छोड़ने को हाथ मतलब की इस दुनिया में पकड़ते ही हैं छोड़ने को हाथ
जब मिली थी हमसे रूठ गई जो सुनना चाहा था, अब तक वो बात अधूरी छूट गई जब मिली थी हमसे रूठ गई जो सुनना चाहा था, अब तक वो बात अधूरी छूट गई
चलते गरम थपेड़े लू के झुलसा रही शरीर को। चलते गरम थपेड़े लू के झुलसा रही शरीर को।
मैं अब तन्हा कोई साथ दिला दो मेरा चाँद लौटा दो। मैं अब तन्हा कोई साथ दिला दो मेरा चाँद लौटा दो।
आजकल की दुनिया में ये कैसी विषैली सोच भर गई है। आजकल की दुनिया में ये कैसी विषैली सोच भर गई है।
दारू की लाईन देखकर सुन्नं हो गया मन। दारू की लाईन देखकर सुन्नं हो गया मन।
सुहानी शाम में तम का डर नहीं, आज चंडी बन चली निवाला लाने, सुहानी शाम में तम का डर नहीं, आज चंडी बन चली निवाला लाने,
जिंदगी ख्वाब थी देखता ही रहा मौत के सामने सोचता ही रहा। जिंदगी ख्वाब थी देखता ही रहा मौत के सामने सोचता ही रहा।
जीवन दो हर जीव को,मत कर उसे हलाल झटका देकर खुश हुआ ,नहीं कोई मलाल। जीवन दो हर जीव को,मत कर उसे हलाल झटका देकर खुश हुआ ,नहीं कोई मलाल।
मौत का क्या है तनहा बस आ जाती है। मौत का क्या है तनहा बस आ जाती है।
सपनों का महल अब टूटा है मेरा, कैसे रहे पाऊंगा मैं?.... सपनों का महल अब टूटा है मेरा, कैसे रहे पाऊंगा मैं?....