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Rajit ram Ranjan

Tragedy

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Rajit ram Ranjan

Tragedy

अँखियों का हैं पानी बेज़ुबान

अँखियों का हैं पानी बेज़ुबान

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वो समझ पाए ना

हमें समझ आये ना 

अँखियों का हैं पानी बेज़ुबान 

दर्द मेरा कह पाए ना !


वो अजनबी होकर

कुछ कह सा गया

दिल का दरिया

बह ही गया।


लाख संभाला मैंने इसको

रेत के जैसा फिसल ही गया 

इश्क़ मेरा उसे दिख पाए ना 

अँखियो का हैं पानी बेज़ुबान 

दर्द मेरा कह पाए ना !


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