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Dr Yasmeen Begam

Tragedy

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Dr Yasmeen Begam

Tragedy

कीमती चीज

कीमती चीज

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मुंह में जाने ऐसी क्या कीमती चीज थी

कि मुँह पर हमेशा ताला लगाना पड़ता

बचपन में माँ हिदायत देतीं

मुँह बंद रखा कर

बड़े होने पर भाइयों ने कहा

ज्यादा मुँह न खोलना

और ब्याह के बाद

पीहर में हर शक़्स ने यही कहा

मुंह पर ताला लगा लो

खुद भी सुखी रहोगी

और परिवार भी संतुष्ट रहेगा

वरना तो कलह करते ही जीवन गुजरेगा

सो यही किया

तो चाहे कोई हुंकारा फुफकारा चिंघाड़ा

फुसफुसाया या अंक लगाया

मुँह का ताला शायद ही कभी खोला..


परंतु ये कभी न समझ पाई

कि मुंह मे ऐसा क्या क़ीमती सामान रक्खा है

जिसे ताले में रखना पड़े

और तब जा के याद आया

कि मैं स्त्री हूँ

और मुंह में जबान रखी है.


  


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