STORYMIRROR

Anuj Bhandari

Tragedy

3  

Anuj Bhandari

Tragedy

अंगूठी

अंगूठी

1 min
222

सभी हैरान थे,

परेशान थे!

सवाल एक ही था मन में,

करोड़ों की अंगूठी

किसने लूटी?

जेबें थी खाली....

या थी फटी,

हर कोई पूछता

अंगूठी किधर छूटी?

गुम हुई थी अंगूठी!

होना क्या था....

शादी फिर टूटी,

दुल्हन की किस्मत....

एक बार फिर फूटी ।



ಈ ವಿಷಯವನ್ನು ರೇಟ್ ಮಾಡಿ
ಲಾಗ್ ಇನ್ ಮಾಡಿ

Similar hindi poem from Tragedy