STORYMIRROR

Anuj Bhandari

Tragedy

3  

Anuj Bhandari

Tragedy

अंगूठी

अंगूठी

1 min
227

सभी हैरान थे,

परेशान थे!

सवाल एक ही था मन में,

करोड़ों की अंगूठी

किसने लूटी?

जेबें थी खाली....

या थी फटी,

हर कोई पूछता

अंगूठी किधर छूटी?

गुम हुई थी अंगूठी!

होना क्या था....

शादी फिर टूटी,

दुल्हन की किस्मत....

एक बार फिर फूटी ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy