STORYMIRROR

Anuj Bhandari

Fantasy Inspirational

3  

Anuj Bhandari

Fantasy Inspirational

लाइब्रेरी

लाइब्रेरी

1 min
194

   गुजर रहा था लाइब्रेरी की गली से

    महक सी आने लगी

    लगा बुला रहा कोई मुझे

    बड़े प्यार से।

    खिड़की से अंदर झांका

    कुछ लोगों को एकांत पाया

    ध्यान मग्न होकर बैठे थे इतने

     बेखबर थे इस बात से

     कौन आया, कौन गया।

      चला गया मैं अब अंदर

      एक नये एहसास को जीने

      वो महक फिर से छूने लगी

     जब उठा ली पुस्तक किसी बहाने

    वो प्यार ही हो चुका था उन पुस्तकों से

    जो नहीं देता था, और कहीं जाने।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy