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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

अगर तुम न होते तो

अगर तुम न होते तो

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अगर तुम न होते तो ये शाम मस्तानी न होती,

सुंदर खिली हुई ये शाम मुझको वीरानी लगती, 

तुम्हारा दिल से इंतजार करते करते ओ सनम, 

ये सितारों की महफिल सूनसान बन गई होती।


अगर तुम न होते तो ये रात भी सुहानी न होती,

पूनम के ये चांद में तुम्हारी सूरत कभी न दिखती,

तुम को मेरे दिल में बसाने के लिये ओ सनम,

मेरे रोम रोम में इश्क की तरंगे लहराती न होती।


अगर तुम न होते तो ये कलम आंसु बहाती होती,

तुम्हारे अल्फाज़ के बिना गज़ल अधूरी रह जाती,

तुमको मेरी मल्लिका बनाने के लिये ओ सनम,

"मुरली" की जिंदगी में खुदा की कयामत न होती।



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