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SUNIL JI GARG

Tragedy Thriller

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SUNIL JI GARG

Tragedy Thriller

आशिक की तस्वीर

आशिक की तस्वीर

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महबूबा से कहने लगा आशिक 

सात जन्म तक मिलना है तुमको

महबूबा बोली अरे पगले इंसा 

ये सातवाँ ही, पता नहीं तुझको 


वो बोली इस जन्म के बाद से 

मेरी अब बदलेगी दशा सारी

तुम्हारी दीवानगी फ्री की थी 

मुझे मिलेगी लम्बी सी गाड़ी


वो आशिक झुंझला गया फिर तो 

कहने लगा अच्छा चलता हूँ जाना 

मुझको बड़ी बातून मिली खातून

परसों मिलना, सरप्राइज ले जाना 


दो दिन यूँ ही गुजरे थे जल्दी 

अखबार में एक तस्वीर पहचानी

माशूका देखकर बहुत चौंकी 

आँखों में आया ढेर सारा पानी 


उस आशिक ने कई लोगों को 

डूबती कश्ती से बचाया था 

फिर लहर आई थी बड़ी जोर 

वो खुद भी बच न पाया था 


ऐसा सरप्राइज न मिले किसी को 

जन्म एक और वो लगी मांगने

तभी एकदम सकपका गयी वो 

प्रार्थना सभा में लगी तस्वीर टांगने।


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