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SUNIL JI GARG

Romance Fantasy

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SUNIL JI GARG

Romance Fantasy

आँखों का जादू

आँखों का जादू

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तेरी आँखों ने किया रोज़ 

ऐसा गज़ब जादू मेरी हस्ती पे 

हर तूफ़ान से पार करा देंगे 

चल घूमने चलें एक कश्ती पे 


इस बार मना न करना प्लीज़

पानी का डर ख़त्म, तुम्हारे लिये

हम रौशन करेंगे समंदर सारा 

जलाएंगे देखना हर ओर दिये


सबसे रौशन तो चेहरा तुम्हारा 

सबसे नायाब वो आफताब होगा 

फ़जां से नूर बरसेगा बेइन्तहां 

तारीफ कर रहा हर चिराग होगा 


हथेली में ज़रा सा ले आब नदी का 

तेरे चेहरे को शबनम सा नम करूंगा 

तुझे छूने की जुर्रत अभी नहीं मेरी 

जादू उतरेगा तो एकदम जग पडूंगा।



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