STORYMIRROR

SUNIL JI GARG

Romance Fantasy

4  

SUNIL JI GARG

Romance Fantasy

आँखों का जादू

आँखों का जादू

1 min
277

तेरी आँखों ने किया रोज़ 

ऐसा गज़ब जादू मेरी हस्ती पे 

हर तूफ़ान से पार करा देंगे 

चल घूमने चलें एक कश्ती पे 


इस बार मना न करना प्लीज़

पानी का डर ख़त्म, तुम्हारे लिये

हम रौशन करेंगे समंदर सारा 

जलाएंगे देखना हर ओर दिये


सबसे रौशन तो चेहरा तुम्हारा 

सबसे नायाब वो आफताब होगा 

फ़जां से नूर बरसेगा बेइन्तहां 

तारीफ कर रहा हर चिराग होगा 


हथेली में ज़रा सा ले आब नदी का 

तेरे चेहरे को शबनम सा नम करूंगा 

तुझे छूने की जुर्रत अभी नहीं मेरी 

जादू उतरेगा तो एकदम जग पडूंगा।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance