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Goldi Mishra

Drama Romance Others

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Goldi Mishra

Drama Romance Others

आहट

आहट

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निगाहें कातिल उनकी ना जाने आज क्या खता कर बैठें,

उन्हें देखते ही कहीं हम अपने होश न खो बैठें।।

आज आएंगे वो महफ़िल में हमारी,

एक अरसे बाद खुदा ने कर ली कबूल दुआ हमारी,

कर लूं आज मैं हर साज श्रृंगार,

जी चाहता है करना आईने से बातें दो चार,

निगाहें कातिल उनकी ना जाने आज क्या खता कर बैठें,

उन्हें देखते ही कहीं हम अपने होश न खो बैठें।।

काश वो रात कभी ख़तम ही ना हो,

जब वो हमारे साथ हो,

आज भी अधूरा है वो गीत जो तुम्हारे लिए लिखा था,

मेरा हर जज्बात अल्फ़ाज़ के अक्स में काग़ज़ पर बिखरा था,

निगाहें कातिल उनकी ना जाने आज क्या खता कर बैठें,

उन्हें देखते ही कहीं हम अपने होश न खो बैठें।।

शमा से मिलने की आस में पतंगा भी राख हो गया,

मृग खोज में अपनी ही कस्तूरी के ना जाने कहां गुम हो गया,

एक तेरी आस में हम महफ़िल सजा कर बैठे है,

सब भूल बस दरवाज़े पर तेरे इंतज़ार में जा बैठे है,

निगाहें कातिल उनकी ना जाने आज क्या खता कर बैठें,

उन्हें देखते ही कहीं हम अपने होश न खो बैठें।।

मेरी मेहंदी का रंग कहीं उतर ना जाए,

ये काजल आँखों का कहीं बह ना जाए,

दिल में अभी बाकी है आस की तू महफ़िल में हमारी आएगा,

इस ज़माने से दूर तू एक सुकून से भरे शहर मुझे ले जाएगा,


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