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Gajanan Pandey

Drama

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Gajanan Pandey

Drama

मैं कृतज्ञ हूं

मैं कृतज्ञ हूं

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तेरे इशारे पर हर काम किया 

अपने दायित्वों का निर्वहन किया 

हार - जीत को एक सा जाना

जो मिल गया,उसे संतोष माना 


जो छूट गया, उसे भुुला दिया 

जब तू मेरे साथ है 

फिर जय और पराजय क्या ?


सब तेरा ही उपकार था 

कि जिंदगी को शान से जिया 

अब किसी बात का , कोई अफसोस नहीं 


मैं कृतज्ञ हूं 

माँ, तुुुझे शत-शत नमन 

मैं भी माँ हूं 

तेरा ही रूप हूं 

ये संसार तुझसे है 

जिंदगी के हर रंग में 

तेरा ही तो अक्स है। 


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