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Goldi Mishra

Drama Romance

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Goldi Mishra

Drama Romance

कुछ तो,

कुछ तो,

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कुछ तो,

मैं आज को लिख,
बात कल की कह गई,
सुध में थी न मैं
और हर बात लिख गई,
लिबास और छींट को लिख दिया,
मैंने बिस्तर और सिलवटों को लिख दिया,
गुलाब के इतर को लिख दिया,
उसकी बाकी महक को लिख दिया,
कुछ तो था उस शाम में,
मैने बिना मयखाने गए शराब को लिख दिया,
तुम तक जाते उस रास्ते की लिख दिया,
छूटते साथ और पल भर की मुलाकात को लिख दिया,
मिटते काजल और फिसलते आंचल को लिख दिया,
शाम जो मेरी न थी उसे अपना लिख दिया,
बेसब्री को मैने इत्मीना से लिख दिया,
सब लिख कर मैने वो पन्ना कहीं खो दिया,

– गोल्डी मिश्रा 




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