STORYMIRROR

Anil Jaswal

Thriller

2  

Anil Jaswal

Thriller

1983 क्रिकेट वर्ल्ड कप।

1983 क्रिकेट वर्ल्ड कप।

1 min
264

ये बात है 1983 क्रिकेट वर्ल्ड कप की,

भारतीय टीम आंकी गई थी काफी कमजोर,

उससे नहीं थी वर्ल्ड कप में अच्छा करने की उम्मीद,

आखिर कुछ किस्मत और कुछ मेहनत के वल पे,

आई फाइनल में।

फाइनल में था मुकाबला,

वेस्ट इंडीज के विरुद्ध,

वेस्ट इंडीज थी जानी मानी टीम,

भरी हुई थी दिग्गजों से,

हमारी नहीं थी कोई भी उम्मीद,

वेस्ट इंडीज को पछाड़ने की।

जैसे-जैसे मैच बढ़ता गया,

हमारी टीम ने खूब रुलाया,

सिर्फ रनों में 183 का आंकड़ा आया,

अब तो होश गायब‌ थे,

वलां हम कहां वेस्ट इंडीज के विरुद्ध टिकने वाले थे,

मुझे लगा,

बड़ी कठिनाई से फाइनल में पहुंचे थे,

चलो हारना तो था निश्चित,

परंतु हारते मुकाबला करके।

लेकिन हमारे खिलाड़ियों में जनून था,

उपर वाले का भी साथ था,

वेस्ट इंडीज टिक न पाई,

और 140 पे पविलियन लौट आई।

मेरी खुशी का ठिकाना न था,

अब चेहरे पे आंसुओं के बनिस्पत हंसी थी,

और 1983 की कहानी कुछ ऐसी थी।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Thriller