Neerja Sharma
Action Inspirational Thriller
करता रक्षा
हिमालय पर्वत
मातृ आँचल।
हिम आलय
सशक्त बर्फ घर
स्रोत नदियाँ
सिंचित जग आँगन
देश की रक्षा
अडिग हिमालय
पर्वतराज
भारत का मान
नेत्र कलम
एहसास
रक्षाबंधन -मे...
रानी लक्ष्मीब...
खाली हाथ
सुखी परिवार
अवकाश (पंजाबी...
हमारी पृथ्वी
धरती माँ
समय
सत्कर्मों से देश का गौरवगान बढ़ाओ, अपनी आजादी को सार्थक बनाओ । सत्कर्मों से देश का गौरवगान बढ़ाओ, अपनी आजादी को सार्थक बनाओ ।
बेबसी सी अंधेरी दुनिया में नहीं रहना है। बेबसी सी अंधेरी दुनिया में नहीं रहना है।
मूर्ति शक्ति तू, मूर्ति त्याग तू, विश्व शक्ति का अमर राग तू। मूर्ति शक्ति तू, मूर्ति त्याग तू, विश्व शक्ति का अमर राग तू।
ऐसा प्यारा है मेरा परिवार। जहां प्यार बसता है अपरम्पार। ऐसा प्यारा है मेरा परिवार। जहां प्यार बसता है अपरम्पार।
हुए गांधी शहीद, राम बोल मुंह अपने। हुए गांधी शहीद, राम बोल मुंह अपने।
या यूँ कहें की दोनों की कीमत एक दूसरे से है। या यूँ कहें की दोनों की कीमत एक दूसरे से है।
तेरा इंतजार करना दिल की मर्जी है तू आये न आये ये तेरी रजा है। तेरा इंतजार करना दिल की मर्जी है तू आये न आये ये तेरी रजा है।
फिर भी इस जमाने में किसी को समझाना बेकार है फिर भी इस जमाने में किसी को समझाना बेकार है
वक्त पंख लगाकर उड़ता रहा, मैं पतंग की तरह उसे ढूंढता रहा। वक्त पंख लगाकर उड़ता रहा, मैं पतंग की तरह उसे ढूंढता रहा।
जिसे मैंने फरिश्ते के रूप में पाया है। मंजिल है वो मेरी, मेरी पहली मंज़िल। जिसे मैंने फरिश्ते के रूप में पाया है। मंजिल है वो मेरी, मेरी पहली मंज़िल।
ढलता सूरज हुआ शरम से लाल गाल भी तो है मेरे शरम से लाल ढलता सूरज हुआ शरम से लाल गाल भी तो है मेरे शरम से लाल
तभी वो निर्भीक, निडर, बेखौफ घूम सकेंगी, अपनी उड़ान उड़ सकेंगी। तभी वो निर्भीक, निडर, बेखौफ घूम सकेंगी, अपनी उड़ान उड़ सकेंगी।
लोगों के अपने हक के लिए लड़ना हमें लड़ाई है। मेरे एक हाथ में कलम दूसरे में कलाई है। लोगों के अपने हक के लिए लड़ना हमें लड़ाई है। मेरे एक हाथ में कलम दूसरे में कल...
जिंदगी यूं ही किसी ऐरे- गैरे और नाकाबिल लोगों के लिए मत जीते चले जाइए। जिंदगी यूं ही किसी ऐरे- गैरे और नाकाबिल लोगों के लिए मत जीते चले जाइए।
इस धरती पर आईना बनने की कोशिश में साथ निभायेगी। आईना हूं आईना दिखा कर रहूंगी। इस धरती पर आईना बनने की कोशिश में साथ निभायेगी। आईना हूं आईना दिखा कर रहूंगी।
समय का शायर हूँ मैं, अपनी समय की शायरी करता हूँ। समय का शायर हूँ मैं, अपनी समय की शायरी करता हूँ।
वो तो हमेशा एक ही रहता पर दिखता नहीं परदे पीछे का दौर। वो तो हमेशा एक ही रहता पर दिखता नहीं परदे पीछे का दौर।
तो दुनिया भला क्या ही उसका बिगाड़ कुछ पाया ? तो दुनिया भला क्या ही उसका बिगाड़ कुछ पाया ?
बहनों ने भाई खोया तो तो माँ ने गोद लुटाई है बेटी ने खोया पिता को,देश का वीर सिपाही बहनों ने भाई खोया तो तो माँ ने गोद लुटाई है बेटी ने खोया पिता को,देश का व...
हमें एहसास कराने रोज पूरब में होता नवागत, आओ करें हम सूर्य का स्वागत। हमें एहसास कराने रोज पूरब में होता नवागत, आओ करें हम सूर्य का स्वागत।