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Pandav Kumar

Abstract Tragedy Thriller

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Pandav Kumar

Abstract Tragedy Thriller

Tribute to ssr

Tribute to ssr

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माना की कुछ ने ठेस पहुंचाई थी

मगर तेरे चाहने वालों की कहां कमी थी


तुमने मुकम्मल होने दिए उनके ख़्वाब

तो फिर चाहने वालों में क्या कमी थी


माना की सबको वफा नहीं मिलता

हर किसी से उम्मीद भी किया जा नहीं सकता


जीना तो सिखाया तुमने

पर तेरे जाने का ग़म सहा नहीं जाता।


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