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Pandav Kumar

Abstract Inspirational

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Pandav Kumar

Abstract Inspirational

move on

move on

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लम्हा लम्हा को जीयो यादें बन जायेगी

खामोशी में अक्सर तन्हाई सताएगी


बात बात से बात बढ़ती है

और जिंदगी जीना आसान लगती है


किसी की याद में रोना भी ठीक नहीं

चलते रहने का नाम जिंदगी है


आज दुखी तुम हो तो कल कोई और होगा

लम्हों लम्हों में ही सारी उमर गुजर जाएगी


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