Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
ग़ज़ल
ग़ज़ल
★★★★★

© Ankita kulshrestha

Abstract

1 Minutes   7.0K    12


Content Ranking

प्रेम की मुश्किल डगर चलना सिखाया आपने

जिंदगी में प्यार का दीपक जलाया आपने

भूलना चाहा मगर याद थी आती ही रही

रात भर सुलगा, बिचारा दिल जलाया आपने

खो रही थी होश गुम थे ज़िन्दगी बेज़ार थी

साथ देकर प्यार से जीना सिखाया आपने

है ह्रदय में वास मेरे मैं करूँ आराधना

मन मरुस्थल प्रेम का अंकुर उगाया आपने

बालपन में जी रही सोई रही सी मैं कली

सींचकर मधु नेह फूलों सा खिलाया आपने

राज अपने सब बताए कुछ रहा बाकी नहीं

क्यों मगर छोड़ा मुझे कहकर पराया आपने

ये हवा ये फूल खुश्बू जानते है बात सब

प्यार है दिल में बसा ये आजमाया आपने

सांझ मेरी बीतती है नाम ले ले आपका

पर कभी क्या प्यार से हमको बुलाया आपने

अनछुई सी तान दिल की भाव भी सब शांत थे

बज उठी मन बांसुरी क्या गीत गाया आपने

प्रियतम हो 'श्रेष्ठ'तम हो हर जनम का सार हो..

प्रेम नश्वर प्रेम ईश्वर है सिखाया आपने....

ज़िन्दगी डगर सांझ

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..