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Nalanda Satish

Abstract Romance Others

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Nalanda Satish

Abstract Romance Others

बैरी चाँद

बैरी चाँद

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दिल में मचा कोहराम, छत पर छायी शीतलता 

यह चाँद कौन सा शख्स है जो दिल में मेरे समाता जा रहा है।


भूखे प्यासे बच्चों की माँओ को रोटी जैसा दिखता बैरी चाँद

इस दूबले मोटे चाँद को किसने रोटी जैसा बनाया है।


दूर आसमान में लटका दिया चाँद नाम का तिलिस्म 

पूर्णिमा का दुधिया चाँद अमावस में काला क्यों दिखता है।


ज्वार भाटे में अहम भूमिका निभाता नील गगन का चाँद 

धरा से आसमां की दूरी को कहाँ मानता है।


कितने दिल वालों की रातें गुजरती टक टकी में बैरी चाँद के 

पर उतरना धरती पर चाँद, शान के खिलाफ समझता है।


जिन्दगी के दाग को छुपाना कोई चाँद बैरी से सीखे 

सितारों की बस्ती को 'नालंदा 'धरती पर बिछाये रखा है।



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