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Divyanshi Triguna

Romance Fantasy

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Divyanshi Triguna

Romance Fantasy

मेरे सपनों में तुम रोजाना आया करो!

मेरे सपनों में तुम रोजाना आया करो!

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मेरे सपनों में तुम रोजाना आया करो

बस रात की ही तो हैं, थोड़ी सी बात सही

हमको तुम ऐसे, तरसाया ना करो

मेरे सपनों में तुम रोजाना आया करो

एक रात जो आती हैं, वो तुझको लाती हैं 


तू आता है मुझमें, बस जाऊं मैं तुझमे 

वो मिलन भी होता है, वो प्रेम बरसता हैं 

जिसकी चाहत रहती, हमारी अखियों में 

मेरे सपनों में तुम, तुम्हें आना हैं तुम्हें

फिर रात भी धीरे-धीरे घटती जाए, 


सवेरा भी आने को आतुर रहता हैं 

चिड़ियों की आवाज़ें मुझे उठाती हैं, 

पलकें जब आंखो से हट जाती हैं 

देखूं खोलकर आँखे, मैं तुमको ही

बस, मेरी सुबह तो वही सुहानी होती हैं 


रात साथ अब छोड़ गयी हैं, पर तुम ना जाओ

रह जाओ मुझमें ही कहीं, पर तुम ना जाओ 

कृष्ण- जाना तो जरूरी हैं प्रियपर मेरा वादा हैं 

 आऊंगा हर रात में तुझमे, तुझसे मिलने मैं 


 ठीक है अब जाऊं मैं 

राधा- पर रात में आना तुम

 आना मुझसे मिलने सपने में, रोजाना आना तुम 

 मेरे सपनों में तुम रोजाना आया करो।


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