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Aditya Narayan Singh

Drama

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Aditya Narayan Singh

Drama

क्यों नहीं देता ?

क्यों नहीं देता ?

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तू मशहूर है यहां बहुत ऐ ख़ुदा परास्त,

तो अपने सज़दे का हिसाब क्यों नहीं देता ?


धर दिया दाग़ कईयों के दामन पर जिसने,

तेरा ख़ुदा उनको अज़ाब क्यों नहीं देता ?


चढ़ाता है चादर अक्सर गजरे और दरगाहों पर,

तू कुछ फकीरों को किमखाब क्यों नहीं देता ?


साकी भी तू, मयखाना भी तेरा सही,

मुझे मेरे हिस्से का शराब क्यों नहीं देता ?


कब, क्यों, कैसे, कहां लूटा तू मेरे दोस्त,

इन जरूरी सवालों का जवाब क्यों नहीं देता ?


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