Yashwant Rathore

Abstract


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Yashwant Rathore

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सपने

सपने

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सपने, सपने जो हम देखते हैं

सपने जो हमें दिखाए जाते हैं। 

 

सपने अपने भविष्य, वर्तमान के  

सपने देश ,शहर और गांव के

सपने जो विश्वास जगाए जाते हैं     


सपने सभ्य सुंदर समाज के,

सपने खेत और अनाज के ,

सपने जो इंसान को चलाए जाते हैं 


सपने जो हमें हंसी देते हैं

सपने जो हमें खुशी देते हैं 

सपने जो नई दुनिया बनाए जाते हैं 


सपने गाड़ी ,घर, सच्ची प्रीत के

सपने दोस्त, यार ,मनमीत के 

सपने जो प्रेम को पनपाए जाते हैं 


सपने जो हम में बोए जाते हैं 

सपने जो हमें बहकाए जाते हैं

सपने जो एक दुजे से लड़ाए जाते हैं 


सपने देखना, सपनों को जीना और

सपनों का पूरा होना, कौन  नहीं चाहेगा

   

लेकिन कुछ सपने ,ऐसे सपने, सपने ,

जो सपनों को तोड़ते हैं।

जीवन को कुरुपता कि तरफ मोड़ते है।

सपने जो मनुष्य ,समाज और देश में जहर घोलते हैं ।


ऐसे सपने  कभी पूरे ना हों,

ऐसे सपने हम कभी ना देखे ,

ऐसे सपने कभी सच्चे ना हों।  



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