Shishpal Chiniya

Abstract


3.1  

Shishpal Chiniya

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कोरोना माहमारी

कोरोना माहमारी

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हम इंसान हैं और हमें इंसान ही रहना चाहिए । कभी भी भगवान बनने की कोशिश औऱ प्रकृति के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।ये मैं नहीं कह रहा हूँ , बहूत सी चौपालों और ज्ञान के मन्दिरो में सुनने को मिल जायेगा ।

चीन के वुहान शहर से शुरू हुई ये माहमारी विकराल रूप धारण करने के बाद पूरे विश्व में फैल चुकी है जिसकी चपेट में बहूत को छोड़कर हर देश है ।जिसका नतीजा भी बहुत बुरा है।ये वायरस चमगादड़ नामक जीव से उत्त्पन्न बताया जा रहा है।विश्व की सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा पद्धति में आने वाले इटली देश की हालत इतनी गम्भीर हो चुकी है कि वो भी विज्ञान को छोड़कर भगवान के सहारे बैठ चुके है।

विश्व की महाशक्ति कहलाने वाले देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत से सहायता मांगी है। यहाँ तक कि पाकिस्तान जो हमारा खाश दुश्मन है भारत से सहायता मांग रहा है।इटली , फ्रांस , जर्मनी , चीन , अमेरिका, स्पेन , और भारत के साथ साथ अन्य देशों में भी ये महामारी फैल चुकी है।

जिसके आंकड़े - अब तक भारत में पुष्टि किए गए केस 18,601 है जिनमें 3,252 ठीक हो चुके है । और 590 की मौत हो चुकी है।जबकि दुनिया भर में पुष्टि किए गए केस की संख्या 24,78,634 । बताई जा रही हैं और ठीक 6,51,736 लोग हुए है। और लगभग1,70,389 मौत हो चुकी हैं।अभी तक इसकी पुख्ता वेक्सिन भी उपलब्ध नही है।।

लेकिन लगातार डॉक्टर और मेडिकल स्पेशलीस्ट इसकी जांच में जूट हुए है।लोक डाउन के चलते हमारे प्रशासन को भी बड़ी चुनौती है।भारत में हर कोई अपने तरीके से इसके बचाव के लिए आगे आ रहा है । डॉक्टर और प्रशासन के अलावा कुछ दान देकर तो कुछ गरीबों को खाना खिलाकर ।

कुछ जानकारी कोरोना वायरस के बारे में -

कोरोनावायरस रोग (COVID-19) एक संक्रामक रोग है जो एक नए खोजे गए कोरोनवायरस के कारण होता है।भारत में COVID-19 वायरस से संक्रमित अधिकांश लोग हल्के से मध्यम श्वशन बीमारी का अनुभव और विशेष उपचार की आवश्यकता के बिना ठीक हो रहे है।

वृद्ध लोगों, और हृदय रोग, मधुमेह, पुरानी श्वसन बीमारी और कैंसर जैसी अंतर्निहित चिकित्सा समस्याओं वाले लोगों में गंभीर बीमारी विकसित होने की अधिक संभावना है।

संचरण को रोकने और धीमा करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है COVID-19 वायरस के बारे में अच्छी तरह से बताया गया है कि यह किस बीमारी का कारण है और यह कैसे फैलता है।

अपने हाथों को धो कर या अल्कोहल आधारित रगड़ का उपयोग करके और अपने चेहरे को छूने से खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाएं।

COVID-19 वायरस मुख्य रूप से लार की बूंदों या नाक से तब फैलता है जब किसी संक्रमित व्यक्ति को खांसी या छींक आती है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप श्वसन शिष्टाचार (उदाहरण के लिए, एक लचीली कोहनी में खाँसी करके) का अभ्यास करें।

इस समय, COVID-19 के लिए कोई विशिष्ट टीके या उपचार नहीं हैं। हालांकि, संभावित उपचारों का मूल्यांकन करने वाले कई नैदानिक ​​परीक्षण चल रहे हैं। WHO नैदानिक ​​जानकारी उपलब्ध होते ही अद्यतन जानकारी प्रदान करना जारी रखेगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बीमारी को कोरोना वायरस की महामारी को नया नाम कोविड-19 (COVID-19) दिया। कोविड-19 से अब तक दुनिया में लगभग 12,00,000 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि लगभग 70000 लोगों की मौत हो चुकी है।

नए कोरोनोवायरस संक्रमण वाले लोगों में जोखिम के बाद लक्षण और लक्षण 2-14 हो सकते हैं:-

खांसी,सांस की तकलीफ या सांस लेने में कठिनाई।नए कोरोनोवायरस संक्रमण के लक्षणों की गंभीरता व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होती है, कुछ हल्के होते हैं,कुछ गंभीर होते हैं और यहाँ तक ​​कि मृत्यु भी हो सकती है। इस बीमारी को गहराई से समझा जा सकता है,

लेकिन गंभीर रूप से बीमार रोगी बुजुर्ग हैं या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।

यह स्थिति इन्फ्लूएंजा जैसी अन्य सांस की बीमारियों के गंभीर रूप से बीमार रोगियों के समान है।

दुनिया भर के कई संगठन टीकों का विकास कर रहे हैं या ये कहे कि एंटीवायरल दवा का परीक्षण कर रहे हैं। चीन में, चीनी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीसीडीसी) ने नावेल कोरोनवायरस के खिलाफ टीके विकसित करना शुरू कर दिया है और निमोनिया के लिए मौजूदा दवा की प्रभावशीलता का परीक्षण कर रहा है।

साथ ही, हांगकांग विश्वविद्यालय की एक टीम ने घोषणा किया है कि एक नया टीका विकसित किया गया है, लेकिन मनुष्यों पर क्लीनिकल ​​परीक्षण करने से पहले जानवरों पर परीक्षण किए जाने की आवश्यकता है। रूसी उपभोक्ता स्वास्थ्य वाचडॉग Rospotrebnadzor ने WHO की सिफारिशों को मानते हुए एक वैक्सीन का विकास शुरू किया।

पश्चिमी देशों में, संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) अप्रैल 2020 तक वैक्सीन के मानव परीक्षणों की उम्मीद कर रहा है, और कैम्ब्रिज-मैसाचुसेट्स आधारित मॉडेर्ना कंपनी CEPI के फंडिंग से mRNA टीका विकसित कर रहा है।

COVID-19 कोरोना वायरस की महामारी से उत्पन्न चुनौती और खतरे से निपटने के लिए भारत सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है। देश की जनता के सक्रिय सहयोग से हम देश में वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने में सक्षम हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई जानकारी और सलाह को सावधानी व सही तरीके से पालन कर वायरस के स्थानीय प्रसार को रोका जा सकता है।


हमारा भारत महान है जिसमें कोरोना वायरस कोविड 19 से जंग में बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़ का योगदान बढ़ने लगा है। पीएम केयर्स फंड में अक्षय कुमार के 25 करोड़ के महादान के बाद अब वरुण धवन ने भी सहयोग राशि प्रदान की है। वरुण ने 55 लाख रुपये की धनराशि पीएम केयर्स और मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दान की है।

कोरोना वायरस कोविड 19 की आपदा के चलते पूरे देश को लॉकडाउन के लिए मजबूर कर दिया है। ऐसे में एक बड़ा वर्ग ऐसा है, जिसे मदद की दरकार है। ऐसे लोगों की आर्थिक मदद के लिए पीएम केयर्स नाम से फंड की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। इस फंड में लोगों से अधिक से अधिक दान करने की गुज़ारिश की गयी है।

वरुण ने महाराष्ट्र के सीएम रिलीफ़ फंड को 25 लाख दिए हैं। इसके अलावा भी वरुण सोशल मीडिया के ज़रिए अपने फैंस और फॉलोअर्स से लगातार सेल्फ़ आइसोलेशन की अपील कर रही हैं।

पीएम मोदी पीएम केयर्स में आर्थिक सहयोग करने वालों की खुद तारीफ कर रहे हैं।कॉमेडियन कपिल शर्मा ने भी 50 लाख रुपये की राशि पीएम रिलीफ़ फंड में दान की थी। ऋतिक रोशन मुंबई के बीएमसी कर्मियों के लिए मास्क दान कर चुके हैं। वहीं दक्षिण भारत के कई कलाकार पीएम और सीएम रिलीफ़ फंड में आर्थिक मदद का एलान कर चुके हैं। कमल हासन, रजनीकांत, चिरंजीवी, राम चरन, पवन कल्याण ने कोरोना से लड़ाई में पीएम और सीएम फंडों में दान किया है।

प्रभास 4 करोड़ की राशि दान करने का एलान कर चुके हैं, जिसमें 3 करोड़ उन्होंने पीएम रिलीफ़ फंड के लिए दान किया है। वहीं एक करोड़ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सीएम रिलीफ़ फंड को दिये हैं। कोरोना वायरस की वजह से देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है। इस वजह से एक बड़े तबके के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, जिन्हें मदद की ज़रूरत है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने कोविड 19 की जंग में मदद का हाथ बढ़ाया है। बोर्ड ने इस मुश्किल घड़ी में आगे आकर 51 करोड़ की बड़ी रकम दान में देने की घोषणा की है। इस वक्त पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण से मुश्किल से गुजर रहा है। भारत में सरकार ने 21 दिन का लॉकडाउन घोषित कर रखा है। अब तक कोरोना के भारत में लगभग 900 लोग संक्रिमित हो चुके हैं।

bcci के अनुसार, 'बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली, सचिव जय शाह और अन्य अधिकारियों ने मान्यता प्राप्त संघों के साथ मिलकर देश की आपदा प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने और भारतीय नागरिकों की रक्षा करने तथा कोविड-19 से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के नागरिक सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष में 51 करोड़ रुपये दान देने की घोषणा की।

दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड होने का तमगा रखने वाले बीसीसीआई ने सबसे बड़ी रकम दान में देने की घोषणा की है। बोर्ड ने कुल 51 करोड़ की रकम दान में देने की घोषणा ट्विटर अकाउंट पर की।

गौरतलब है शनिवार को ही क्रिकेट सुरेश रैना ने 52 लाख रुपये दान में देने की घोषणा की थी वहीं शुक्रवार को सचिन तेंदुलकर ने भी कोरोना की जंग में 50 लाख रुपये का सहयोग देने की घोषणा की थी।

प्रधानमंत्री राहत कोष से सभी गरीब परिवार को राशन दिया जा रहा है । और तीन माह तक के लिए गैस सिलेंडर भी फ्री दिए जा रहे है।हर कोई इस माहमारी के संकट से बचने और बचाने की कोशिश कर रहा है।




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