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MAHENDRA CHAWDA

Abstract

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MAHENDRA CHAWDA

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" देव और दानव ...?"

" देव और दानव ...?"

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देव और दानव क्या है ? जब इस बात पर गहराई के साथ चिंतन और मनन किया जाए तो मालूम चलेगा कि ये तो वस्तुतः किसी भी इंसान के भीतर मौजूद मूल वृतियों का सूचक है। यानी किसी भी इंसान के भीतर मौजूद सत,रज और तम तत्वों को प्रदर्शित करने वाला मापक है।

इन तत्वों में से जिस भी तत्व की प्रधानता होगी, वैसी ही वृत्ति उस इंसान की होगी। ऐसा तो बिलकुल भी नहीं है कि कोई दानव होगा तो उसके सिर पर बड़े-बड़े सींग होंगे, बड़े-बड़े व खतरनाक दांत होंगे या फिर खतरनाक आँखे होंगी। सही में ये सभी गुण उसके भीतर मौजूद तम तत्व की प्रधानता को दर्शातें हैं। ठीक ऐसे ही अगर कोई इंसान देव वृत्ति का होगा तो ऐसा बिलकुल भी नहीं होगा कि उसके माथे पर सोने का मुकुट होगा।

असल में ये उस इंसान के भीतर मौजूद सत तत्वों की प्रधानता को दर्शाता हैं। कुल मिलाकर सार ये है कि कोई भी इंसान अपने भीतर मौजूद इन तत्वों का बारीकी से अवलोकन कर, अपने सतत और निरंतर अभ्यास से इन तत्वों में सकारात्मक तब्दीली लाकर अपने जीवन को मनचाहा आकार दे सकता है।


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