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Man Singh Negi

Abstract Classics Fantasy

3  

Man Singh Negi

Abstract Classics Fantasy

चमचे

चमचे

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चमचे 


गोली से भी तेज चलती है कलम 

लेखक मान सिंह नेगी 

दोस्तो याद रखना कल मैं राहु या ना राहु परंतु तुम्हारी जिंदगी अभी शुरू हो रही है। 

मैं ढलता हुआ सूरज हु। आज नहीं तो कल अस्त हो जाऊंगा। 

मैं अपने परिवार में, रिश्तेदारों में याद बनकर रह जाऊंगा। 

बावजूद इसके तुम सदैव याद रखना।

अपने मन की बात किसी से भी सांझा मत करना। 

आप यह भी याद रखना यदि चमचे भगवान राम को 14 वर्ष का बनवास करवा सकते है। 

यदि चमचे महाभारत करवा सकते है। 

तो वह असंभव को संभव बना सकते है। 

अब आप स्वयं समझदार है। चमचे क्या नहीं कर सकते। 

चमचे दिन को रात और रात को दिन करवा सकते है। 

दोस्तो आप का कसूर हो या ना हो चमचे आपका जीवन बर्बाद कर सकते है। 

याद रखना दोस्तो चमचे दु धारी तलवार है। 

चमचे गिरगिट से भी ज्यादा तेज रंग बदलने में माहिर होते है। 

पुष्पा ने कहा क्या बात है। कौन से चमचे तुम्हे पसंद आ गए। 

मैने कहा मैडम तुम भोली हो नादान हो। 

तुम नहीं समझ पाओगी चमचों कि कहानी बहुत ही भयानक और जहरीली होती है दूसरे के जीवन के लिए। 

वे इतने शातिर होते है। जिन्हें पहचान पाना ना मुमकिन है। 

वह आपके लिए भी उतने ही अच्छे है। जितना वह अपने सीनियर के लिए अच्छे है। 

वह आपके लिए भी उतने ही अच्छे है। जितना मालिक के लिए। 

मैं आपको यह बात इसलिए कह रहा हु। 

क्योंकि वह आपको अहसास ही नहीं होने देंगे कि वह आपकी पीठ पीछे आपको ही खंजर घोप रहे है। 

पुष्पा ने कहा मै समझी जो चमचे मै कल बाजार से लाई ही। आप उसकी बात कर रहे है। 

मैने कहा आप उन चमचों से भी उस बात को समझ सकती हो।

उन चमचों से भी उस बात को समझ सकती है। 

जिन चमचों को आप रसोई की शान समझती है।  जिन चमचों को आप भूखे पेट की भूख मिटाने के लिए लाई हो। 

आपने कभी गौर किया है। वे चमचे उस बर्तन को भी खाली कर देते है। जिस बर्तन में कुछ भी हो। 

पुष्पा ने कहा आप ही समझाए चमचे कौन होते है। 

मैने कहा चमचे चतुर चालाक शातिर होते है। 

जो अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए दूसरे की गर्दन बिना सोचे समझे कटवा देते है। 

चमचे अक्सर भूल जाते है अपने स्वार्थ में केवल उनका ही परिवार नहीं दूसरे के परिवार को भी जीवन जीने का अधिकार है। 

पुष्पा ने कहा चमचे की पहचान क्या होती है। 

मैने कहा चमचो को पहचान पाना थोड़ा मुश्किल होता है। 

फिर भी मेरा मानना है चमचे बहुत ही मीठे स्वभाव के होते। उनकी जुबान से सदैव रस टपकता है। 

वे शहद से भी ज्यादा मीठे होते है। वे अपने परिवार से भी ज्यादा आपकी फिक्र करते है। 

वे आपके मुंह पर आपकी प्रशंसा करते है। दूसरे के मुंह पर उसकी प्रशंसा करते है। 

इनकी एक खासियत यह भी है। यदि ये आप से नाराज हो गए। तब समझ लीजिए आपके जीवन की उल्टी गिनती शुरू हो गई। 

सबसे हैरानी की बात आप पता भी नहीं चला पाएंगे। आखिर अचानक आपके जीवन में परेशानियां क्यू बढ़ती जा रही है।

अब आप यह अंदाजा लगा लीजिए जब आपके जीवन में सब कुछ सही चल रहा हो। 

तभी अचानक जीवन में एक के बाद एक परेशानियां खड़ी होनी शुरू हो जाय। 

तब आप समझ लेना किसी चमचे का आगमन आपकी जिंदगी में हो चुका है। 

*पुष्पा सदैव याद रखना लकड़ी को दीमक और व्यक्ति को हमेशा चमचों ने बर्बाद किया है।*

पुष्पा अभी कुछ दिन पहले रमेश ने कहा भी था। 

*मालिक की आँखें होनी चाहिए कान नहीं।*

पुष्पा ने पूछा तुम ऐसा क्यू कह रहे हो। 

मैने कहा क्युकी चमचे मालिक के कान में वो मीठा जहर उड़ेल देते है। 

जिसे मालिक भी सच मानकर जाने अनजाने मे दूसरे का जीवन तीतर बितर कर देता है। 

पुष्पा तह यह कह पाना मुश्किल है। जिनका जीवन चमचों के माध्यम से बर्बाद हो गया। उस बर्बादी में मालिक का कितना हाथ है। 

शायद रमेश ने इन सब बातों को ध्यान रखते हुए कहा मालिक के कान नहीं आंख होनी चाहिए। 

आंखों से वह स्वयं निर्णय लेने में सक्षम है। 

जबकि कानों से वह केवल दूसरों के प्रति शिकायत, लापरवाही, कामचोरी और आलस ही सुनता रहेगा। 

चमचे मालिक हो आंखे ना होने के कारण उसका भरपूर लाभ लेते हुए। 

अपने जीवन को हमेशा गुलजार रखने में सक्षम है। 

जबकि चमचों के माध्यम से मालिक के कान में गया जहर ना जाने कितनी जिंदगियां बर्बाद कर देता है। 

पुष्पा ने कहा फिर इन्हें नियंत्रित करने का कोई उपाय। 

मैने कहा इन्हें नियंत्रित करना संभव ही नहीं असंभव है। 

फिर भी मैने इन्हें जिस प्रकार इस कहानी के कवर पर नियंत्रित किया है। ठीक उसी प्रकार इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है। 

जबकि मैं यह भी जानता हु लकड़ी पर लगी दीमक उस लकड़ी को बर्बाद कर देती है। जो उसे सहारा देती है। 

इसलिए चमचों से सदैव सतर्क रहे, सावधान रहे।

इन्हें नियंत्रित करने का सबसे बड़ा साधन साम दाम दंड भेद है। 

जहा जिसकी आवश्यकता हो। वहा उसका उपयोग करने से कभी ना चुके। 

यदि चूक गए तो अपना जीवन नष्ट ही समझना। 

अपना परिवार बर्बाद होते हुए स्वयं से देखना। 

किसी ने खूब कहा दो गज लम्बा शीर्ष पर निशाना अब ना चुकियों चौहान। 

पुष्पा ने कहा तुम इन्हें किस प्रकार नियंत्रित करते हो। 

मैने कहा ये चमचे मेरे ही नहीं किसी से भी नियंत्रित नहीं हो सकते। 

क्युकी इनका संबंध सीधा मालिक से होता है। 

ये सीधा मालिक को सूचना देते है। हर छोटे बड़े काम की। चाहे वे इनसे पूछे या ना पूछे।  

वैसे मैने इन्हें नियंत्रित करने के लिए काम में इस प्रकार व्यवस्थित कर दिया है। 

कम से कम इन्हें फ्री होने का समय ना मिले। 

क्युकी कहते है खाली दिमाग शैतान का। 

पुष्पा इन्हें नियंत्रित करना बड़ी टेढ़ी खीर है। 

बावजूद इसके इन्हें मै अपने काम करने के तरीके से पूर्ण रूप से नियंत्रित कर पाता है। 

*मैं अच्छी तरह जानता हू मालिक चमचों को नहीं काम करने वाले को अहमियत देता है।*

मालिक तो महान परंतु चमचों से परेशान है। 

मैं यह भी अच्छी तरह जानता हू जब तक मैं अपने काम के प्रति जागरूक और ईमानदार हु। 

तब तक ये चमचे भी मेरा कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे। 

दोस्तो याद रखना जो जितना मीठा आप से बोलता है। 

वह उतना ही तुम्हारे जीवन के लिए खतरनाक है। 

क्युकी माना जाता है मीठा खाने से शुगर हो सकती है। 

इसलिए जीवन में इनसे सावधान रहना अत्यंत आवश्यक है। 

दोस्तो याद रखना जीवन में मीठे बोलने वाले ही आपका अहित करते है। 

कड़वे बोलने वाले आपको बुरे अवश्य लगते है। 

परंतु वह आपका कभी भी सहित नहीं कर सकते। 

इतिश्री


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