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sargam Bhatt

Drama Romance Thriller

4  

sargam Bhatt

Drama Romance Thriller

यूं ही ना मुझ को

यूं ही ना मुझ को

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मैं रह नहीं पाती हूं तेरे बिना,

यूं ही छोड़कर मुझको न जाया कीजिए।


मेरा जुड़ा है एक अनकहा सा रिश्ता,

यूं ही न मुझको सताया कीजिए।


मेरी उम्मीदों का सफर है तू,

यूं ही न मुझको रुलाया कीजिए।


तू है मेरे जिंदगी की रोशनी,

यूं ही न दीपक बुझाया कीजिए।


तू है मेरे किस्मत की दो आंखें,

यूं ही मुझको रास्ता दिखाया कीजिए।


मैं भूल जाऊं अगर जिंदगी में कुछ भी,

तो मुझको तुम्ही याद दिलाया कीजिए।


ए जिंदगी कितनी मुश्किल भरी है,

तुम मुश्किलों का ही सफाया कीजिए।


मिल जाएगी मुझे मंजिल एक दिन,

सिर्फ तुम मेरी हिम्मत को बढ़ाया कीजिए।



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