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Annu Jain

Romance

4  

Annu Jain

Romance

यही चाहता था दिल मेरा

यही चाहता था दिल मेरा

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यही चाहता था दिल मेरा

कि छू कर तुझको प्यार करूँ

यही चाहता था दिल मेरा

चाहत का तुझसे मै इकरार करुं

मैं इश्क़ तुझे बेशुमार करूँ

अपने दिल के अरमानों का हाल बयां करूँ

अपने आप से बढ़ के भी तुझपर ऐतबार करूँ

यही चाहता था दिल मेरा मेरी मोहब्बत

जान तुझ पर मैं जांनिसार करूँ

काश कभी जो मांगी होती तुमने मेरी ज़िंदगी

कभी न तुझको इनकार करुं

यही चाहता था दिल मेरा

अपने आप से बढ़ कर तुझको प्यार करूँ

यही चाहता था दिल मेरा

 यही चाहता था दिल मेरा।



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