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Annu Jain

Abstract Romance

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Annu Jain

Abstract Romance

दिल ही तो

दिल ही तो

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दिल ही तो मांगा था

कौन सी कायनात मांंग ली


जो शब्दो में उलझा कर

मेरे दिल को ताार तार दिया


गुनाह तो नहीं प्यार करना

जो मुझे तबाह कर दिया।


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