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प्रीति प्रभा

Abstract Inspirational

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प्रीति प्रभा

Abstract Inspirational

आज़ादी का दिन

आज़ादी का दिन

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आज़ादी की कभी शाम ना होने देंगे

भारत माता आँचल नीलाम ना होने देंगे


अमर हर वो नौजवान होगा

जो वतन पर फ़िदा होगा


बची है जब तक लहू की एक बूँद रगों में

शहीदों की कुर्बानी कभी बदनाम ना होने देंगे


कैसे हम उन लाखों को सकते है बिसार

हिंदुस्तान की पावन धरती को कर नमस्कार


आज़ादी का दिन सब के साथ खुशियों से मनायेंगे

चारों दिशाओं में तिरंगा का मान हम बढ़ायेंगे


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