STORYMIRROR

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Abstract Inspirational

3  

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Abstract Inspirational

मुक्तक : लेखन कला

मुक्तक : लेखन कला

1 min
190

दर्द भी लिखते हैं सुकून भी लिखते हैं 

दिलों में उठने वाला जुनून भी लिखते हैं 

हास्य-व्यंग्य, श्रृंगार, देश भक्ति के साथ 

गम ए अश्क और गर्म खून भी लिखते हैं 


श्रृंगार रस साहित्य रत्न की जान होता है 

वीर रस पर संपूर्ण देश कुरबान होता है 

किसी के लबों पर , मुस्कान जो सजा दे 

वही हास्य - व्यंग्य कार महान होता है 


दिल से निकलने वाली रचनाएं खूब होती हैं 

लेखकों में मानवीय संवेदनाएं खूब होती हैं 

अपनी भावनाओं में पाठकों को सराबोर कर 

बहा ले जाने की हसीन अदाएं खूब होती हैं 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract