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Ranjani Ramesh

Abstract

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Ranjani Ramesh

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सीधीबात

सीधीबात

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काश मैं 

अपने दिल की बात सही वक़्त सबको बोल पाती

काश मैं

अपने अन्दर के डर से उभर कर निकल पाती

काश मैं

खुद को मिले अवसर का सही इस्तेमाल कर पाती

काश मैं

समझ पाती कि डर के आगे जीत ही जीत होती

काश मैं

अपनों का महत्व सही समय पर समझ पाती

काश मैं

अपनों से फालतू का मतभेद ना बढने देती

काश मैं

अपने आत्मसम्मान को सबसे पहले भाव देती

काश मैं

समझ पाती कि वो बस #सीधीबात ही थी..

जो हमें हर मुश्किल से निकलवा सकती थी 


काश ही काश.. इसीमे निकल गए दिन और रात

क्या फ़ायदा सोच कर बेकार में गुज़रे हुए बात


ज़िन्दगी हमे देती है हर सुबह एक नया मौका 

जिसका भरपूर लाभ नहीं लेंगे तो डूबेगी हमारी नौका


हम आसानी से बदल पाएंगे हमें सौंपे गए हालात

बस करनी है तो सिर्फ और सिर्फ #सीधीबात।।



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