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Indu Tiwarii

Romance

4  

Indu Tiwarii

Romance

ये जानते हुए भी

ये जानते हुए भी

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ये जानते हुए भी

कि तुम न मेंरे थे, न मेरे हो

फिर भी तुम्हें 

बेशुमार चाहने को दिल करता है


ये जानते हुए भी 

कि तुम न मेरे हो सकते हो

और न मैं तुम्हारी

फिर भी तुम्हें

तहे दिल से अपनाने को दिल करता है


ये जानते हुए भी

कि मुहब्बत मोहताज नहीं है 

किसी ख्वाहिश की

फिर भी तुम्हें

ख़्याबों में जीने को दिल चाहता है


ये जानते हुए भी

कि हो न सकेंगे एक दूजे के हम

फिर भी तुम्हें

हर पल चाहने को जी चाहता है।


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